Income Tax
एडवांस टैक्स: किसे देना होता है, आखिरी तारीखें और कैसे करें कैलकुलेट?
Filing Hub Desk ·

नमस्ते! मैं Filing Hub से आपका टैक्स साथी हूँ.
आज हम एक बहुत ज़रूरी चीज़ के बारे में बात करेंगे: 'एडवांस टैक्स'. आप में से कई लोगों को लगता होगा कि इनकम टैक्स तो बस ITR फाइल करते समय एक बार में देना होता है. लेकिन, ऐसा हमेशा नहीं होता.
अगर आपकी टैक्स लायबिलिटी एक तय रकम से ज़्यादा बनती है, तो सरकार कहती है कि आप अपना टैक्स साल के दौरान ही किस्तों में जमा कराएं. इसी को 'एडवांस टैक्स' कहते हैं. इसका फायदा ये होता है कि साल के अंत में आपको एक साथ बड़ा अमाउंट नहीं देना पड़ता और सरकार को भी साल भर रेवेन्यू मिलता रहता है.
ये नियम खास करके उन लोगों के लिए बनाया गया है जिनकी इनकम सैलरी के अलावा दूसरे तरीकों से भी होती है, जैसे बिजनेस या प्रोफेशन से या रेंटल इनकम से, और जिस पर TDS नहीं कटता. अगर आप ये टैक्स सही समय पर जमा नहीं करते, तो आपको ब्याज देना पड़ सकता है. इसलिए, इसे समझना बहुत ज़रूरी है.
इसका आप पर क्या असर पड़ेगा
- ब्याज से बचाव: अगर आप अपना एडवांस टैक्स सही समय पर और सही तरीके से भरते हैं, तो इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 234B और 234C के तहत लगने वाले ब्याज से बच सकते हैं.
- आसान पेमेंट: साल के आखिर में एक साथ बड़ा टैक्स भरने का बोझ नहीं पड़ता. आप इसे किस्तों में आराम से भर सकते हैं.
- सही प्लानिंग: एडवांस टैक्स का अनुमान लगाने से आपको अपनी पूरे साल की इनकम और टैक्स लायबिलिटी का बेहतर अंदाज़ा हो जाता है, जिससे आप अपनी फाइनेंसियल प्लानिंग अच्छे से कर पाते हैं.
- टैक्स लायबिलिटी: अगर आपकी अनुमानित टैक्स लायबिलिटी ₹10,000 या उससे ज्यादा है, तो आपको एडवांस टैक्स भरना ही पड़ेगा. सीनियर सिटीजन (60 साल या उससे ज्यादा, और जिनकी बिजनेस या प्रोफेशन से कोई इनकम नहीं है) को इससे छूट मिलती है.
किन लोगों के लिए ज़रूरी है
एडवांस टैक्स भरना हर उस व्यक्ति (या कंपनी) के लिए ज़रूरी है जिसकी अनुमानित टैक्स लायबिलिटी एक फाइनेंशियल ईयर में ₹10,000 या उससे ज़्यादा बनती है. इसमें ये लोग शामिल हो सकते हैं:
- सैलरीड व्यक्ति: अगर आपकी सैलरी के अलावा रेंट, कैपिटल गेन, फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज या किसी और सोर्स से इनकम है, जिस पर TDS नहीं कटा है, तो आपको एडवांस टैक्स देना पड़ सकता है.
- बिजनेस करने वाले: अगर आप कोई बिजनेस करते हैं, तो आपकी अनुमानित प्रॉफिट पर आपको एडवांस टैक्स देना होगा.
- प्रोफेशनल: डॉक्टर्स, वकील, कंसल्टेंट्स जैसे प्रोफेशनल्स को भी अपनी अनुमानित इनकम पर एडवांस टैक्स भरना होता है.
- फ्रिलैंसर्स: अगर आप फ्रीलांसिंग करते हैं और आपकी इनकम पर TDS नहीं कट रहा है, तो आपको एडवांस टैक्स देना होगा.
- प्रिजम्पटिव टैक्सेशन वाले: सेक्शन 44AD या 44AE के तहत प्रिजम्पटिव इनकम टैक्स भरने वाले लोग भी एडवांस टैक्स भरते हैं.
डेडलाइन्स:
एडवांस टैक्स चार किस्तों में भरना होता है (इंडिविजुअल और कॉरपोरेट्स के लिए):
- 15 जून तक: कुल टैक्स का 15%
- 15 सितंबर तक: कुल टैक्स का 45%
- 15 दिसंबर तक: कुल टैक्स का 75%
- 15 मार्च तक: कुल टैक्स का 100%
प्रिजम्पटिव टैक्सेशन वाले लोगों को 15 मार्च तक अपनी सारी एडवांस टैक्स लायबिलिटी एक ही इंस्टॉलमेंट में भरनी होती है.
आपको अब क्या करना चाहिए
- अपनी इनकम का अनुमान लगाएं: पूरे साल आपकी कुल कितनी इनकम होगी, इसका अंदाज़ा लगाएं.
- टैक्स लायबिलिटी कैलकुलेट करें: अनुमानित इनकम पर आपका कितना टैक्स बनेगा, ये कैलकुलेट करें. इसमें से आपका TDS (अगर कटा है) और अन्य टैक्स क्रेडिट घटा दें.
- किस्तें भरें: बची हुई टैक्स लायबिलिटी को ऊपर बताई गई डेडलाइन्स के हिसाब से किस्तों में भरें. आप इसे इनकम टैक्स पोर्टल पर ऑनलाइन भर सकते हैं.
- रिकॉर्ड रखें: सभी पेमेंट के चालान और रिकॉर्ड्स संभाल कर रखें.
एडवांस टैक्स एक ज़िम्मेदार नागरिक होने का सबूत भी है और आपको पेनल्टी से भी बचाता है. इसे सही समय पर भरना आपके लिए फायदे का सौदा है.
अगर आपको एडवांस टैक्स कैलकुलेट करने या भरने में कोई भी परेशानी आ रही है, तो Filing Hub की टीम आपकी मदद के लिए हमेशा तैयार है. ITR, GST, या किसी भी टैक्स और कंप्लायंस से जुड़ी मदद के लिए आज ही हमसे संपर्क करें.
ख़बर का स्रोत: Mint. यह लेख Filing Hub की टीम ने आसान भाषा में तैयार किया है — ज़रूरी फ़ैसले लेने से पहले सरकारी नोटिफिकेशन ज़रूर देखें.
Need help with your filing?
Our team files income tax returns, GST returns and TDS returns for taxpayers across India. You can also calculate your tax or track an existing filing.