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क्या घर या दुकान बनवा रहे हैं? जानिए कब कटता है कॉन्ट्रैक्टर के पेमेंट पर TDS

Filing Hub Desk ·

क्या घर या दुकान बनवा रहे हैं? जानिए कब कटता है कॉन्ट्रैक्टर के पेमेंट पर TDS — TDS update by Filing Hub (TAXTION)

नमस्ते! Filing Hub में आपका स्वागत है. आज हम एक बहुत ज़रूरी बात पर चर्चा करने वाले हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो अपना घर बनवा रहे हैं या कोई कमर्शियल प्रॉपर्टी खड़ी कर रहे हैं.

आपने सुना होगा कि जब हम किसी कॉन्ट्रैक्टर को काम करने के लिए पैसे देते हैं, तो कई बार उस पर TDS (Tax Deducted at Source) काटना पड़ता है. यह सरकार का एक तरीका है जिससे टैक्स की वसूली सोर्स पर ही हो जाती है. आसान भाषा में कहें तो, जब आप कॉन्ट्रैक्टर को पेमेंट कर रहे हैं, तो उसमें से एक हिस्सा काटकर सरकार के पास जमा करना होता है. फिर कॉन्ट्रैक्टर अपनी ITR फाइल करते समय इस TDS का क्रेडिट ले सकता है.

इनकम टैक्स एक्ट के तहत, जब कोई व्यक्ति या संस्था किसी कॉन्ट्रैक्टर को काम कराने के लिए पैसे देती है, तो कुछ खास शर्तों में TDS काटना ज़रूरी होता है. यह नियम सिर्फ बड़ी कंपनियों के लिए नहीं, बल्कि आम लोगों पर भी लागू हो सकता है, खासकर जब वे कोई बड़ी कंस्ट्रक्शन करवा रहे हों. 2025 के इनकम टैक्स एक्ट के तहत, इन नियमों में कुछ बदलाव या स्पष्टीकरण आ सकते हैं, इसलिए हमेशा लेटेस्ट जानकारी पर ध्यान देना ज़रूरी है.

मुख्य रूप से, यह देखा जाता है कि आप कॉन्ट्रैक्टर को एक बार में कितना पेमेंट कर रहे हैं या पूरे साल में टोटल कितना पेमेंट कर रहे हैं. अगर यह तय लिमिट से ऊपर जाता है, तो TDS काटना पड़ता है. यह उन खर्चों पर भी लागू होता है जो सिर्फ मटेरियल सप्लाई के बजाय सर्विस कंपोनेंट (जैसे लेबर) भी रखते हैं.

इसका आप पर क्या असर पड़ेगा

  • सही पेमेंट: अगर आप कॉन्ट्रैक्टर को सही TDS काटकर पेमेंट करते हैं और उसे सही समय पर जमा करते हैं, तो आप भविष्य में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से आने वाली किसी भी नोटिस या जुर्माने से बच जाते हैं.
  • रिकॉर्ड रखना: आपको कॉन्ट्रैक्टर को किए गए सभी पेमेंट्स और काटे गए TDS का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा. यह आपके ITR फाइलिंग में भी काम आएगा.
  • रिश्तों पर असर: अगर आप TDS नहीं काटते, तो कॉन्ट्रैक्टर को पूरे पैसे मिल जाएंगे. लेकिन अगर यह नियम आप पर लागू होता है, तो बाद में आपको खुद से TDS जमा करना पड़ सकता है, साथ ही पेनल्टी और ब्याज भी लग सकता है. इससे कॉन्ट्रैक्टर के साथ आपके रिश्ते भी बिगड़ सकते हैं.

किन लोगों के लिए ज़रूरी है

  • व्यक्ति (Individual) और HUF (Hindu Undivided Family): अगर आप अपना घर या कोई प्रॉपर्टी बनवा रहे हैं और कॉन्ट्रैक्टर को एक फाइनेंशियल ईयर में एक तय लिमिट से ज़्यादा पेमेंट कर रहे हैं, तो यह आप पर लागू हो सकता है. यह लिमिट अक्सर हर कॉन्ट्रैक्ट के लिए और कुल सालाना पेमेंट के लिए अलग-अलग होती है.
  • कंपनियाँ और पार्टनरशिप फर्म: अगर ये किसी कॉन्ट्रैक्टर से कोई कंस्ट्रक्शन या मैन्युफैक्चरिंग का काम करवा रही हैं, तो इन्हें TDS काटना अनिवार्य होता है.
  • अन्य संस्थाएँ: ट्रस्ट, सोसाइटी और अन्य सभी संस्थाएँ जो किसी कॉन्ट्रैक्टर को पेमेंट करती हैं, उन्हें भी इन नियमों का पालन करना होता है.

आपको अब क्या करना चाहिए

  • कॉन्ट्रैक्ट की वैल्यू चेक करें: अपने कॉन्ट्रैक्टर के साथ हुए कॉन्ट्रैक्ट की कुल वैल्यू देखें और यह भी देखें कि एक बार में आप कितना पेमेंट कर रहे हैं.
  • लेटेस्ट TDS रेट्स जानें: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर या किसी एक्सपर्ट से TDS के लेटेस्ट रेट्स और थ्रेशोल्ड लिमिट्स (वह सीमा जिसके बाद TDS काटना ज़रूरी हो जाता है) की जानकारी लें.
  • PAN नंबर ज़रूर लें: कॉन्ट्रैक्टर से उसका PAN (Permanent Account Number) ज़रूर लें. बिना PAN के TDS काटा जाता है तो वो ज्यादा रेट पर कटता है.
  • नियमित जमा करें: अगर आप पर TDS काटने का नियम लागू होता है, तो काटे गए TDS को समय पर सरकार के पास जमा करें और कॉन्ट्रैक्टर को TDS सर्टिफिकेट (फॉर्म 16A) दें.
  • एक्सपर्ट की सलाह लें: अगर आपको कोई कन्फ्यूजन है, तो किसी टैक्स एक्सपर्ट या CA से सलाह ज़रूर लें. वे आपको आपकी विशिष्ट स्थिति के अनुसार सही गाइडेंस दे पाएंगे.

अपने निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले, इन टैक्स नियमों को समझना बहुत ज़रूरी है ताकि बाद में कोई दिक्कत न आए. अगर आपको ITR, GST या TDS से जुड़ी कोई भी मदद चाहिए, तो बेझिझक Filing Hub से संपर्क करें. हम आपकी मदद के लिए हमेशा तैयार हैं.


ख़बर का स्रोत: Mint. यह लेख Filing Hub की टीम ने आसान भाषा में तैयार किया है — ज़रूरी फ़ैसले लेने से पहले सरकारी नोटिफिकेशन ज़रूर देखें.

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