TDS
NRI से प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं? 12.5% TDS की गलती से बचें!
Filing Hub Desk ·

नमस्ते! Filing Hub में आपका स्वागत है. आज हम एक बहुत ज़रूरी बात पर चर्चा करेंगे, खासकर उन लोगों के लिए जो किसी NRI (यानी, ऐसा भारतीय जो विदेश में रहता है) से प्रॉपर्टी खरीदने की सोच रहे हैं. अखबार में एक हेडलाइन थी कि NRI से प्रॉपर्टी खरीदना आसान हो गया है, लेकिन 12.5% TDS की गलती से बचना ज़रूरी है.
आपने सुना होगा कि जब कोई प्रॉपर्टी बेचता है, तो बेचने वाला उस पर कैपिटल गेन टैक्स देता है. लेकिन, अगर बेचने वाला NRI है, तो खरीदने वाले की भी एक ज़िम्मेदारी बन जाती है – उसे TDS (टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स) काटना पड़ता है. ये TDS काटकर ही उसे NRI को बाकी पैसे देने होते हैं, और कटा हुआ TDS सरकार के खाते में जमा करना होता है. अगर आप ऐसा नहीं करते, तो आप पर पेनल्टी लग सकती है और आपको ही वो TDS भरना पड़ सकता है.
NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर आम तौर पर TDS की दर 20% होती है (अगर प्रॉपर्टी की कीमत 50 लाख से ज़्यादा हो). लेकिन कुछ मामलों में, अगर NRI पैन (PAN) नंबर नहीं दे पाता, तो ये दर बढ़कर 20% से भी ज़्यादा हो सकती है. हालांकि, कुछ लोग इसे 12.5% भी मान लेते हैं जो कि गलत है और इससे समस्या हो सकती है. इसलिए, सही दर जानना और उसे काटना बहुत ज़रूरी है.
NRI बेचने वाले को भारत में अपनी टैक्स लायबिलिटी कम करने के लिए, आयकर विभाग से कम TDS काटने का सर्टिफिकेट (Lower Deduction Certificate) मिल सकता है. अगर उनके पास ऐसा सर्टिफिकेट है, तो आपको उसी सर्टिफिकेट के हिसाब से TDS काटना होगा, न कि 20% या 12.5%.
यह समझना ज़रूरी है कि 12.5% TDS काटना अक्सर सही नहीं होता और इससे बाद में आपको या NRI को परेशानी हो सकती है. हमेशा सही दरों और नियमों का पालन करें.
इसका आप पर क्या असर पड़ेगा
- अगर आप NRI से प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं और सही TDS नहीं काटते, तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपको नोटिस भेज सकता है.
- आपको TDS की रकम अपनी जेब से भरनी पड़ सकती है, साथ ही उस पर ब्याज और पेनल्टी भी लग सकती है.
- NRI को भी बाद में अपना ITR फाइल करते समय मुश्किल हो सकती है, अगर सही TDS नहीं काटा गया हो.
- पूरी डील कानूनी पचड़ों में फंस सकती है, जिससे समय और पैसा दोनों बर्बाद होंगे.
किन लोगों के लिए ज़रूरी है
- जो लोग किसी NRI से भारत में कोई भी immovable property (जैसे घर, ज़मीन, दुकान) खरीद रहे हैं.
- खासकर अगर प्रॉपर्टी की कीमत 50 लाख रुपये से ज़्यादा है.
- प्रॉपर्टी डीलर्स और वकील जो ऐसी डील्स में सलाह देते हैं.
आपको अब क्या करना चाहिए
- NRI का पैन नंबर लें: सबसे पहले NRI बेचने वाले से उनका पैन नंबर ज़रूर मांगें. यह TDS के लिए बहुत ज़रूरी है.
- TDS की सही दर पता करें: अगर NRI के पास Lower Deduction Certificate नहीं है, तो TDS की सही दर 20% है (कैपिटल गेन के लिए, प्रॉपर्टी की कीमत पर). 12.5% की दर अक्सर गलत होती है, इस पर भरोसा न करें.
- TDS काटें और जमा करें: प्रॉपर्टी के पैसे देते समय TDS काटें और उसे सरकार के खाते में जमा करें. इसके लिए फॉर्म 26QB भरना होता है.
- फॉर्म 16B दें: TDS जमा करने के बाद, आपको NRI को फॉर्म 16B देना होगा, जो बताता है कि आपने कितना TDS काटा और जमा किया है.
- पेशेवर सलाह लें: अगर आप अनिश्चित हैं, तो किसी टैक्स एक्सपर्ट या CA से सलाह ज़रूर लें. वे आपको सही तरीका बता सकते हैं.
- NRI के सर्टिफिकेट की जांच करें: अगर NRI Lower Deduction Certificate दिखाता है, तो उसकी वैधता और शर्तों की जांच ज़रूर करें.
NRI से प्रॉपर्टी खरीदना एक अच्छा निवेश हो सकता है, लेकिन नियमों का पालन करना बहुत ज़रूरी है. थोड़ी सी सावधानी आपको भविष्य की परेशानियों से बचा सकती है. अगर आपको ITR, GST, TDS या किसी भी टैक्स और कंप्लायंस से जुड़ी मदद चाहिए, तो बेझिझक Filing Hub से संपर्क करें. हम आपकी मदद के लिए हमेशा तैयार हैं.
ख़बर का स्रोत: Mint. यह लेख Filing Hub की टीम ने आसान भाषा में तैयार किया है — ज़रूरी फ़ैसले लेने से पहले सरकारी नोटिफिकेशन ज़रूर देखें.
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