Income Tax
CBDT की नई स्कीम: विदेश में कमाई और संपत्ति पर कितना टैक्स लगेगा?
Filing Hub Desk ·

नमस्ते! मैं विपुल सेठ, Filing Hub से। एक बहुत ही ज़रूरी खबर आई है, खासकर उन लोगों के लिए जिनकी विदेश में कुछ कमाई या संपत्ति है। CBDT (जो भारत में income tax देखता है) छोटे टैक्सपेयर्स के लिए एक नई स्कीम ला रहा है, जिससे आप अपनी विदेशी आय और संपत्ति के बारे में बता सकते हैं।
अगर आपकी विदेश में कोई इनकम है या कोई संपत्ति है, और आपने उसे अभी तक ITR में नहीं दिखाया है, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है। सरकार आपको एक मौका दे रही है कि आप अपनी जानकारी सही कर लें।
इसका आप पर क्या असर पड़ेगा?
यह स्कीम उन लोगों के लिए है जो शायद अनजाने में या जानकारी न होने की वजह से अपनी विदेशी आय या संपत्ति बताना भूल गए थे। इसमें आपको यह मौका मिलेगा कि आप अपनी सारी जानकारी सरकार को बता दें। इसके बदले में सरकार आपसे कुछ शर्तों के तहत कम पेनल्टी या रियायती दर पर टैक्स ले सकती है।
अभी इस स्कीम के पूरे नियम आने बाकी हैं, लेकिन इसका मतलब यह है कि अगर आप अपनी विदेश में रखी संपत्ति या कमाई का खुलासा कर देते हैं, तो आपको आगे चलकर बड़े जुर्माने या कानूनी कार्रवाई से बचाया जा सकता है। सरकार चाहती है कि लोग ईमानदारी से अपनी पूरी आय और संपत्ति की जानकारी दें, चाहे वह भारत में हो या विदेश में।
किन लोगों के लिए ज़रूरी है?
यह स्कीम ख़ासकर 'छोटे टैक्सपेयर्स' के लिए है। अभी 'छोटे टैक्सपेयर्स' की परिभाषा क्या होगी, यह CBDT साफ करेगा। लेकिन आमतौर पर इसका मतलब हो सकता है जिनकी आय एक निश्चित सीमा से कम हो।
अगर आपकी:
- विदेश में कोई बैंक अकाउंट है।
- विदेश में कोई शेयर या इन्वेस्टमेंट है।
- विदेश में कोई प्रॉपर्टी है।
- विदेश से कोई सैलरी या कोई और कमाई हुई है।
- और आपने इसे अपने पिछले ITR में नहीं दिखाया है।
तो यह स्कीम आपके लिए बहुत काम की हो सकती है। आपको अपनी स्थिति के हिसाब से देखना होगा कि आप इस स्कीम के दायरे में आते हैं या नहीं।
आपको अब क्या करना चाहिए?
- जानकारी का इंतज़ार करें: CBDT अभी इस स्कीम के पूरे नियम और शर्तें जारी करेगा। ध्यान रखें कि 'छोटे टैक्सपेयर्स' की सही परिभाषा क्या होगी और टैक्स की दरें क्या होंगी।
- अपनी जानकारी तैयार रखें: अगर आपकी विदेश में कोई आय या संपत्ति है, तो उसके सारे डॉक्यूमेंट्स (जैसे बैंक स्टेटमेंट, इन्वेस्टमेंट प्रूफ) तैयार रखें।
- सलाह लें: जैसे ही स्कीम के पूरे नियम आते हैं, अपने CA या टैक्स एक्सपर्ट से बात करें। वो आपको सही रास्ता दिखा पाएंगे कि आपको इस स्कीम का फायदा लेना चाहिए या नहीं।
- ईमानदार रहें: हमेशा सही और पूरी जानकारी देना सबसे अच्छा होता है, ताकि भविष्य में कोई परेशानी न हो।
यह एक अच्छा मौका है अपनी टैक्स फाइलिंग को बिल्कुल सही करने का। Filing Hub में हम आपकी ITR, GST या किसी भी टैक्स संबंधित मामले में मदद के लिए हमेशा तैयार हैं। बेझिझक हमसे संपर्क करें।
ख़बर का स्रोत: Mint. यह लेख Filing Hub की टीम ने आसान भाषा में तैयार किया है — ज़रूरी फ़ैसले लेने से पहले सरकारी नोटिफिकेशन ज़रूर देखें.
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