Income Tax
पत्नी को दिए गए तोहफे पर टैक्स? जानिए कब "क्लबिंग" के नियम लगते हैं!
Filing Hub Desk ·

नमस्ते! मैं Filing Hub से आपका टैक्स साथी, विपुल सेठ.
आज हम एक बहुत ही आम सवाल पर बात करेंगे जो कई लोगों को परेशान करता है: अगर आपने अपनी पत्नी (या पति) को कोई प्रॉपर्टी, बैंक में पैसे, या कोई और ऐसी चीज़ गिफ्ट की है जिससे कमाई होती है, तो उस कमाई पर टैक्स कौन भरेगा? अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर मैंने अपनी पत्नी को पैसे दे दिए, तो उससे जो ब्याज आएगा, वो उसकी इनकम होगी और टैक्स भी वही भरेगी. लेकिन, इनकम टैक्स के नियम कुछ अलग कहते हैं और इसे ही "क्लबिंग ऑफ इनकम" कहा जाता है.
इसका आप पर क्या असर पड़ेगा
असल में, इनकम टैक्स के सेक्शन 64 के तहत, अगर कोई व्यक्ति अपनी पत्नी (या पति) को बिना किसी "उचित कारण" (यानी बिना किसी कानूनी या वास्तविक लेन-देन के) कोई एसेट गिफ्ट करता है, और उस एसेट से पत्नी को कोई इनकम होती है (जैसे किराए, ब्याज, डिविडेंड वगैरह), तो वो इनकम पत्नी की नहीं बल्कि उस पति (या जिसने गिफ्ट किया है) की इनकम मानी जाती है. इसे ही "क्लबिंग" कहते हैं, मतलब पति की इनकम में पत्नी की इनकम को जोड़ दिया जाता है.
इसका सीधा सा मतलब है कि भले ही पैसा पत्नी के बैंक अकाउंट में आया हो या प्रॉपर्टी उसके नाम पर हो, लेकिन टैक्स उस व्यक्ति को देना होगा जिसने ये गिफ्ट दिया था. इससे उस व्यक्ति की टोटल इनकम बढ़ जाती है और वो एक ऊंचे टैक्स स्लैब में भी आ सकता है. इससे आपको ज्यादा टैक्स भरना पड़ सकता है.
ध्यान रहे, अगर आपने पत्नी को पैसा इसलिए दिया है क्योंकि आप दोनों के बीच कोई बिजनेस कॉन्ट्रैक्ट हुआ है या पत्नी ने आपको कोई सर्विस दी है जिसके बदले में आपने उसे पैसे दिए हैं, तो यह क्लबिंग के दायरे में नहीं आएगा. यह सिर्फ तब लागू होता है जब बिना किसी सही कारण के एसेट गिफ्ट किया गया हो.
किन लोगों के लिए ज़रूरी है
यह नियम उन सभी भारतीय टैक्सपेयर्स के लिए ज़रूरी है जिन्होंने अपनी पत्नी (या पति) को कोई इनकम कमाने वाला एसेट गिफ्ट किया है, जैसे:
- बैंक में पैसा (जिस पर ब्याज मिलता है)
- शेयर या म्यूचुअल फंड (जिन पर डिविडेंड या कैपिटल गेन हो सकता है)
- किराए पर दी जाने वाली प्रॉपर्टी
- कोई और ऐसी इन्वेस्टमेंट जिससे रिटर्न मिलता हो
अगर आप अपनी ITR फाइल करते समय इस बात का ध्यान नहीं रखते हैं और क्लबिंग के नियम नहीं लगाते हैं, तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से आपको नोटिस आ सकता है.
आपको अब क्या करना चाहिए
- नियमों को समझें: सबसे पहले यह देखें कि आपके केस में "क्लबिंग ऑफ इनकम" के नियम लागू होते हैं या नहीं. अगर आपने पत्नी को कोई ऐसा एसेट दिया है जिससे इनकम हो रही है, तो उसकी इनकम को अपनी इनकम में जोड़कर ITR फाइल करें.
- सही ITR फॉर्म चुनें: अपनी ITR फाइल करते समय सही ITR फॉर्म चुनें और उसमें क्लबिंग से संबंधित जानकारी सही जगह पर भरें. ITR-1 या ITR-2 में इसका प्रावधान होता है.
- रिकॉर्ड्स संभालकर रखें: आपने कब क्या गिफ्ट किया था, इससे कितनी इनकम हुई, इन सबके रिकॉर्ड्स संभालकर रखें. यह भविष्य में किसी भी पूछताछ के लिए काम आएंगे.
- किसी एक्सपर्ट से सलाह लें: अगर आपको कोई कन्फ्यूजन है, तो किसी टैक्स एक्सपर्ट या CA से सलाह ज़रूर लें. वो आपको सही गाइडेंस दे पाएंगे.
याद रखिए, टैक्स नियमों का पालन करना न सिर्फ हमारी जिम्मेदारी है, बल्कि यह हमें भविष्य की परेशानियों से भी बचाता है. अगर आपको ITR फाइलिंग या किसी और टैक्स से जुड़ी जानकारी चाहिए, तो बेझिझक Filing Hub से संपर्क करें. हमारी टीम आपकी मदद के लिए हमेशा तैयार है.
धन्यवाद!
विपुल सेठ,
लीड एडवोकेट, Filing Hub.
ख़बर का स्रोत: Mint. यह लेख Filing Hub की टीम ने आसान भाषा में तैयार किया है — ज़रूरी फ़ैसले लेने से पहले सरकारी नोटिफिकेशन ज़रूर देखें.
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