Income Tax
SBI की गलती से TDS क्रेडिट नहीं मिला? अब पूरा क्रेडिट मिलेगा!
Filing Hub Desk ·

नमस्ते! आज हम एक बहुत ही खास और ज़रूरी खबर पर बात करेंगे, जो TDS और आपके इनकम टैक्स से जुड़ी है। अक्सर ऐसा होता है कि हम अपनी तरफ से सारे नियम मानते हैं, लेकिन किसी और की गलती से हमें नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसा ही कुछ हुआ एक मकान मालिक के साथ, जिन्हें बैंक की गलती की वजह से 2.71 लाख रुपये का TDS क्रेडिट नहीं मिल पाया।
हुआ ये कि एक मकान मालिक ने अपनी प्रॉपर्टी किराए पर दी थी। किराएदार ने TDS काट कर सरकार के पास जमा भी कर दिया, लेकिन SBI बैंक की एक गलती की वजह से ये TDS मकान मालिक के फॉर्म 26AS में सही से नहीं दिख रहा था। जब मकान मालिक ने अपना ITR भरा, तो उन्हें ये क्रेडिट नहीं मिला और उन्हें टैक्स विभाग से डिमांड आ गई। मामला इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) तक पहुंचा। ITAT ने बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा है कि जब TDS काट लिया गया है और सरकार के पास जमा हो गया है, तो टैक्सपेयर को उसका पूरा क्रेडिट मिलना ही चाहिए, चाहे बैंक की गलती क्यों न हुई हो।
इसका आप पर क्या असर पड़ेगा?
यह फैसला उन सभी टैक्सपेयर्स के लिए एक बड़ी राहत है जिनके TDS क्रेडिट में बैंक या किसी और की गलती से कोई दिक्कत आ गई है। इसका मतलब है कि अगर आपके TDS को सही तरीके से सरकार के पास जमा कर दिया गया है, लेकिन किसी तकनीकी या मानवीय गलती के कारण वो आपके फॉर्म 26AS में नहीं दिख रहा है, तब भी आप उस क्रेडिट का दावा कर सकते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि आपकी मेहनत की कमाई पर सही तरीके से हिसाब हो और आपको बेवजह का टैक्स न भरना पड़े। यह नियम आपको ऐसे मामलों में डिपार्टमेंट के सामने अपनी बात रखने का और भी मजबूत आधार देता है।
किन लोगों के लिए ज़रूरी है?
यह फैसला हर उस व्यक्ति के लिए ज़रूरी है जो TDS के दायरे में आता है और जिसका TDS काटा जाता है। खासकर उनके लिए:
- सैलरी पाने वाले लोग: जिनका TDS कंपनी काटती है।
- फ्रीलांसर या कॉन्ट्रैक्टर: जिन्हें किसी काम के बदले पेमेंट मिलती है और TDS कटता है।
- मकान मालिक: जिनकी किराए की इनकम पर TDS कटता है।
- निवेशक: जिन्हें इंटरेस्ट या डिविडेंड पर TDS कटता है।
- कोई भी व्यक्ति जिसका TDS कटता है: और उसे अपने 26AS में या ITR फाइल करते समय TDS क्रेडिट से जुड़ी कोई समस्या आ रही है।
आपको अब क्या करना चाहिए?
- अपना फॉर्म 26AS हमेशा चेक करें: ITR फाइल करने से पहले अपने फॉर्म 26AS को ध्यान से देखें। सुनिश्चित करें कि उसमें सारे TDS क्रेडिट सही दिख रहे हैं।
- बेमेल होने पर तुरंत कार्रवाई करें: अगर आपके TDS सर्टिफिकेट और फॉर्म 26AS में कोई अंतर है, तो तुरंत उस व्यक्ति या संस्था से संपर्क करें जिसने आपका TDS काटा है। उनसे गलती सुधारने के लिए कहें।
- बैंक की गलती होने पर प्रूफ इकट्ठा करें: अगर गलती बैंक की तरफ से है, तो बैंक से लिखित में प्रूफ लेने की कोशिश करें कि TDS जमा हो गया था।
- सही डॉक्यूमेंट्स संभाल कर रखें: सारे TDS सर्टिफिकेट, बैंक स्टेटमेंट और अन्य संबंधित डॉक्यूमेंट्स को संभाल कर रखें। ये भविष्य में काम आ सकते हैं।
- एक्सपर्ट की सलाह लें: अगर मामला पेचीदा लगता है या आपको समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें, तो किसी टैक्स एक्सपर्ट या CA से सलाह ज़रूर लें।
यह फैसला टैक्सपेयर्स के हक में आया है और यह दर्शाता है कि न्याय प्रणाली आपकी बात सुनने और समस्या का समाधान करने के लिए है। अगर आप भी ITR filing, GST या TDS से जुड़ी किसी भी समस्या का सामना कर रहे हैं, तो Filing Hub से संपर्क करने में हिचकिचाएं नहीं। हमारी टीम आपकी मदद के लिए हमेशा तैयार है!
ख़बर का स्रोत: Mint. यह लेख Filing Hub की टीम ने आसान भाषा में तैयार किया है — ज़रूरी फ़ैसले लेने से पहले सरकारी नोटिफिकेशन ज़रूर देखें.
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