Personal Finance
NRO से NRE खाते में पैसे ट्रांसफर करने के टैक्स नियम और लिमिट
Filing Hub Desk ·

नमस्ते! बहुत से NRI (नॉन-रेजिडेंट इंडियन) जो अपने NRO अकाउंट से NRE अकाउंट में पैसे भेजना चाहते हैं, उनके मन में कई सवाल होते हैं। खासकर टैक्स नियमों और ट्रांसफर की लिमिट्स को लेकर। आज हम इसी के बारे में आसान भाषा में बात करेंगे।
NRO और NRE दोनों ही अकाउंट NRI लोगों के लिए होते हैं, लेकिन इनके काम और टैक्स नियम अलग-अलग होते हैं। NRO अकाउंट भारत में हुई आपकी इनकम, जैसे किराया, पेंशन, या FD पर मिले ब्याज को रखने के लिए होता है। इसमें आप अपनी भारतीय कमाई जमा करते हैं। NRE अकाउंट में आप अपनी विदेश में कमाई गई इनकम या विदेशी मुद्रा को जमा करते हैं, जिसे आप बिना टैक्स चुकाए कभी भी विदेश वापस भेज सकते हैं।
जब आप NRO से NRE में फंड ट्रांसफर करते हैं, तो कुछ नियमों का ध्यान रखना होता है। सबसे पहले, NRO अकाउंट में जमा पैसा, अगर वो भारत में कमाया गया है (जैसे किराया या FD का ब्याज), तो उस पर TDS (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) कट चुका होता है। यानी, वो पैसा भारत में टैक्सेबल होता है। अगर आप इस पैसे को NRE में ट्रांसफर करते हैं, तो यह मान लिया जाता है कि उस पर टैक्स पहले ही कट चुका है।
## इसका आप पर क्या असर पड़ेगा
अगर आप NRO से NRE में पैसा ट्रांसफर कर रहे हैं, तो कुछ बातें आपके लिए महत्वपूर्ण हैं:
- टैक्स: NRO अकाउंट में जमा हुई भारतीय आय पर भारत में टैक्स लगता है। अगर आप टैक्स कटने के बाद उस पैसे को NRE में ट्रांसफर करते हैं, तो NRE में ट्रांसफर किया गया पैसा टैक्स-फ्री हो जाता है क्योंकि उस पर टैक्स पहले ही चुका दिया गया है।
- लिमिट: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने NRO से NRE अकाउंट में फंड ट्रांसफर के लिए कुछ लिमिट्स तय की हैं। आमतौर पर, एक NRI एक वित्तीय वर्ष में 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 8 करोड़ रुपये) तक ही ट्रांसफर कर सकता है, जिसे 'लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम' (LRS) के तहत 'रिपेट्रिएशन' कहा जाता है। लेकिन इसमें कुछ शर्तें और दस्तावेज़ भी लग सकते हैं।
- दस्तावेज़: आपको बैंक को फॉर्म 15CA और 15CB जैसे दस्तावेज़ देने पड़ सकते हैं, जो यह साबित करते हैं कि भारत में उस पैसे पर टैक्स चुकाया जा चुका है या वह टैक्स के दायरे में नहीं आता।
- टैक्स सर्टिफिकेट: सुनिश्चित करें कि आपके पास NRO खाते में हुई आय पर चुकाए गए टैक्स का प्रमाण हो, ताकि आपको बाद में कोई दिक्कत न हो।
## किन लोगों के लिए ज़रूरी है
- यह जानकारी उन सभी NRI लोगों के लिए बहुत ज़रूरी है जो भारत में अपनी प्रॉपर्टी, निवेश या किसी और स्रोत से हुई आय को NRO अकाउंट में रखते हैं और उसे बाद में NRE अकाउंट में ले जाना चाहते हैं, ताकि वे उसे विदेश भेज सकें।
- खासकर उन लोगों के लिए जो अपनी पुरानी भारतीय आय को अपने विदेशी खर्चों के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं।
## आपको अब क्या करना चाहिए
- अपने बैंक से बात करें: ट्रांसफर करने से पहले अपने बैंक से संपर्क करें और मौजूदा नियमों, ज़रूरी दस्तावेज़ों और ट्रांसफर लिमिट्स की पूरी जानकारी लें।
- टैक्स एक्सपर्ट से सलाह लें: अगर आपकी राशि बड़ी है या आपके पास कई आय स्रोत हैं, तो किसी टैक्स सलाहकार या CA से सलाह ज़रूर लें। वे आपको सही रास्ता बता सकते हैं।
- दस्तावेज़ तैयार रखें: फॉर्म 15CA और 15CB जैसे सभी ज़रूरी दस्तावेज़ पहले से तैयार रखें।
- रिकॉर्ड रखें: अपने सभी वित्तीय लेनदेन और टैक्स भुगतान के रिकॉर्ड संभालकर रखें।
याद रखें, नियमों में बदलाव हो सकते हैं, इसलिए हमेशा अपडेटेड जानकारी लेना बहुत ज़रूरी है। अगर आपको ITR फाइलिंग, GST या किसी भी टैक्स संबंधित मामले में मदद चाहिए, तो बेझिझक Filing Hub से संपर्क करें। हम आपकी पूरी मदद करेंगे।
ख़बर का स्रोत: Mint. यह लेख Filing Hub की टीम ने आसान भाषा में तैयार किया है — ज़रूरी फ़ैसले लेने से पहले सरकारी नोटिफिकेशन ज़रूर देखें.
Need help with your filing?
Our team files income tax returns, GST returns and TDS returns for taxpayers across India. You can also calculate your tax or track an existing filing.