Income Tax
बिलेटेड ITR फाइल करने पर क्या आप पुराने नुकसान को आगे ले जा सकते हैं? जानें नियम
Filing Hub Desk ·

नमस्कार! मैं एडवोकेट विपुल सेठ, Filing Hub से. आज हम एक बहुत ही ज़रूरी बात पर चर्चा करने वाले हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो किसी वजह से अपनी ITR समय पर फाइल नहीं कर पाते.
हम सब जानते हैं कि ITR फाइल करना कितना ज़रूरी है, लेकिन कभी-कभी कुछ हालात ऐसे हो जाते हैं कि हम ड्यू डेट (due date) मिस कर देते हैं और बिलेटेड ITR (belated ITR) फाइल करनी पड़ती है. ऐसे में एक बड़ा सवाल आता है कि क्या हम अपने पिछले नुकसान (losses) को आगे के सालों में एडजस्ट (adjust) कर सकते हैं?
आज की हमारी चर्चा इसी विषय पर है: अगर आप AY 2026-27 के लिए बिलेटेड ITR फाइल कर रहे हैं, तो आपको किन नुकसानों को आगे ले जाने की अनुमति मिलेगी और किन्हें नहीं. ये जानना आपके लिए बहुत अहम है ताकि आप अपनी टैक्स प्लानिंग सही से कर पाएं.
इसका आप पर क्या असर पड़ेगा
अगर आप अपनी ITR ड्यू डेट के अंदर फाइल करते हैं, तो आप कई तरह के नुकसान, जैसे बिज़नेस लॉस, कैपिटल लॉस आदि को आगे के सालों में ले जा सकते हैं. इससे आपको भविष्य में होने वाली कमाई पर टैक्स बचाने में मदद मिलती है.
लेकिन, जब आप बिलेटेड ITR फाइल करते हैं (यानी ड्यू डेट निकल जाने के बाद), तो इनकम टैक्स कानून के तहत कुछ नुकसानों को आगे ले जाने की अनुमति नहीं मिलती. यहाँ कुछ मुख्य बातें हैं:
- बिज़नेस लॉस (Business Loss): अगर आपके बिज़नेस में कोई नुकसान हुआ है, तो बिलेटेड ITR फाइल करने पर आप उसे अगले सालों में आगे नहीं ले जा पाएंगे. यह एक बहुत बड़ा नुकसान है क्योंकि इससे आपकी भविष्य की टैक्स देनदारी बढ़ सकती है.
- कैपिटल लॉस (Capital Loss): शेयर या प्रॉपर्टी बेचने पर हुए नुकसान (जैसे शॉर्ट-टर्म या लॉन्ग-टर्म कैपिटल लॉस) को भी बिलेटेड ITR फाइल करने पर आगे ले जाने की अनुमति नहीं मिलती.
- सैलरी इनकम (Salary Income) या हाउस प्रॉपर्टी लॉस (House Property Loss): अच्छी खबर यह है कि सैलरी इनकम के अलावा, हाउस प्रॉपर्टी से हुआ नुकसान (जैसे अगर आपने होम लोन पर ब्याज़ दिया है और उससे प्रॉपर्टी को नुकसान हुआ है) को आप बिलेटेड ITR फाइल करने पर भी आगे ले जा सकते हैं. यह कानून में एक खास छूट है.
- डेप्रीसिएशन (Depreciation): बिज़नेस के एसेट्स पर होने वाला डेप्रीसिएशन, जिसे अन-एब्जॉर्ब्ड डेप्रीसिएशन (unabsorbed depreciation) कहते हैं, उसे भी बिलेटेड ITR में आगे ले जाया जा सकता है. इसके लिए कोई समय सीमा नहीं है, इसे अनलिमिटेड समय तक आगे ले जाया जा सकता है, जब तक यह पूरी तरह एडजस्ट न हो जाए.
तो, संक्षेप में, बिज़नेस लॉस और कैपिटल लॉस को आप बिलेटेड ITR में आगे नहीं ले जा सकते, लेकिन हाउस प्रॉपर्टी लॉस और अन-एब्जॉर्ब्ड डेप्रीसिएशन को ले जा सकते हैं.
किन लोगों के लिए ज़रूरी है
यह जानकारी उन सभी टैक्सपेयर्स के लिए बहुत ज़रूरी है जो बिज़नेस करते हैं, शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करते हैं, या जिनके पास कोई प्रॉपर्टी है और वे किसी वजह से अपनी ITR समय पर फाइल नहीं कर पाए हैं या भविष्य में ऐसी स्थिति का सामना कर सकते हैं. अगर आप समय पर ITR फाइल नहीं कर पाए हैं और आपको बिज़नेस या कैपिटल लॉस हुआ है, तो यह जानकारी आपके लिए नुकसानदायक हो सकती है. वहीं, अगर आपको सिर्फ हाउस प्रॉपर्टी लॉस हुआ है, तो आप थोड़ी राहत महसूस कर सकते हैं.
आपको अब क्या करना चाहिए
- जितनी जल्दी हो सके ITR फाइल करें: कोशिश करें कि आप अपनी ITR हमेशा ड्यू डेट से पहले ही फाइल करें. इससे आपको सभी लाभ मिलते हैं.
- अपने नुकसानों की सही जानकारी रखें: अगर आपको कोई नुकसान हुआ है, तो उसकी पूरी जानकारी और डॉक्यूमेंट्स संभाल कर रखें.
- एक्सपर्ट से सलाह लें: अगर आपको बिलेटेड ITR फाइल करनी है और आपको नुकसान को लेकर कोई कन्फ्यूजन है, तो किसी टैक्स एक्सपर्ट या CA से सलाह ज़रूर लें. वे आपको सही मार्गदर्शन दे पाएंगे.
- कानून की जानकारी पर नज़र रखें: इनकम टैक्स कानून में बदलाव होते रहते हैं. इसलिए, अपडेटेड जानकारी रखना हमेशा फायदेमंद होता है.
सही समय पर सही कदम उठाना आपके टैक्स बोझ को काफी कम कर सकता है. इसलिए, अपनी ITR फाइलिंग को कभी भी हल्के में न लें. अगर आपको ITR या GST फाइलिंग से जुड़ी कोई भी मदद चाहिए, तो बेझिझक Filing Hub की टीम से संपर्क करें. हम आपकी मदद के लिए हमेशा तैयार हैं. धन्यवाद!
ख़बर का स्रोत: Mint. यह लेख Filing Hub की टीम ने आसान भाषा में तैयार किया है — ज़रूरी फ़ैसले लेने से पहले सरकारी नोटिफिकेशन ज़रूर देखें.
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